Aaj Savere · 2026-01-28 28 Jan 2026 09:06 निशा का अंधेरा जब छँटने लगता है, तो उम्मीदों की रोशनी खुद- ब- खुद रास्ता दिखा देती है।” कहा जाता है कि हर सुबह अपने साथ नई उम्मीदें और संभावनाएँ लेकर आती है, बस ज़रूरत होती है उन्हें पहचानने की। Original: All India Radio