Aaj Savere · 2026-07-17 17 Jul 2026 08:21 कह न ठंडी साँस में अब भूल वह जलती कहानी, आग हो उर में तभी दृग में सजेगा आज पानी; हार भी तेरी बनेगी मानिनी जय की पताका, राख क्षणिक पतंग की है अमर दीपक की निशानी! Original: All India Radio