Aaj Savere · 2026-07-25 25 Jul 2026 08:26 कह न ठंडी साँस में अब भूल वह जलती कहानी , आग हो उर में तभी दृग में सजेगा आज पानी ; हार भी तेरी बनेगी मानिनी जय की पताका , राख क्षणिक पतंग की है अमर दीपक की निशानी ! Original: All India Radio