Aaj Savere · 2026-08-05 5 Aug 2026 08:30 कवि हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियाँ हैं- “तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ।” इन पंक्तियों में जैसे सुबह का एक संदेश छिपा है- रास्ते में मुश्किलें आएँगी, कदम कभी धीमे भी पड़ेंगे, लेकिन मंज़िल तक पहुँचने के लिए चलते रहना ज़रूरी है। Original: All India Radio