Aaj Savere · 2026-08-13 13 Aug 2026 08:24 कह न ठंडी साँस में अब भूल वह जलती कहानी , आग हो उर में तभी दृग में सजेगा आज पानी ; हार भी तेरी बनेगी मानिनी जय की पताका , राख क्षणिक पतंग की है अमर दीपक की निशानी ! Original: All India Radio