Aaj Savere · 2025-03-29 29 Mar 2025 08:27 कितने भी गहरे रहें गर्त, हर जगह प्यार जा सकता है ; कितना भी भ्रष्ट ज़माना हो, हर समय प्यार भा सकता है ; जो गिरे हुए को उठा सके इससे प्यारा कुछ जतन नहीं, दे प्यार उठा पाए न जिसे इतना गहरा कुछ पतन नहीं । Original: All India Radio