Aaj Savere · 2024-09-03 3 Sep 2024 08:34 “ लोग डूबते हैं तो समंदर को दोष देते हैं, मंज़िल ना मिले तो मुक्कदर को दोष देते हैं, खुद तो संभल कर चलते नहीं, जब ठेस लगे तो पत्थर को दोष देते हैं,” इसलिए दोष देने की बजाय सत्कर्म और शुभकर्म करते हुए और जीवन को सार्थक बनाते हुए आगे बढना चाहिए। Original: All India Radio