Aaj Savere · 2025-03-08 8 Mar 2025 09:47 नारी तुम केवल श्रद्धा हो विश्वास-रजत-नग-पगतल में पीयूष-स्त्रोत-सी बहा करो जीवन के सुंदर समतल में ये पंक्तियां हैं- प्रसिद्ध कवि जयशंकर प्रसाद की। Original: All India Radio