Aaj Savere · 2025-09-26 26 Sep 2025 09:58 कहां तक ये मन को अंधेरे छलेंगे- बातों- बातों में जी हां, अंधेरों द्वारा मन को छलने की एक सीमा होती है और कभी न कभी तो उदासी की परत जीवन से हटती ही है। Original: All India Radio